BSE Odisha Class 9 Hindi Book Chapter 8 Question Answer | Odisha Board Class 9 Hindi Book Chapter 8 Solutions | Class 9 Hindi Chapter 8 Question Answer Odia Medium
फिर महान बन
प्रश्न और अभ्यास
1. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर एक या दो बाक्यों में दीजिए :
(क) मनुष्य को किस प्रकार का मन मिला है ? उससे वह क्या कर सकता है ?
उत्तर: मनुष्य को अपार प्रेम से भरा मन मिला है। उससे वे संसार में प्यास पीड़ित प्राणियों को प्यास मिटा न चाहिए। इसमें कोई कंजूस होना नहीं चाहिए ।
(ख) महान मनुष्य किसे कहते हैं ?
उत्तर: महान मनुष्य वह है जो संसार में सभी प्राणियों से सम भाव से स्नेह प्रेम दे सकते हैं । मन में कोई नकारात्मक भावना नहीं, शत्रु को क्षमा, घमंड से दूर रहता है । इसलिए मनुष्य को अपने कार्यकलाप से महान कहलाता है ।
(ग) मनुष्य को महान बनने के लिए क्या करना चाहिए और क्य नहीं करना चाहिए ?
उत्तर: मनुष्य को महान बनने के लिए अपना कर्तव्य पर सचेतन रहना चाहिए। और कर्तव्य को कभी भूल ना नहीं चाहिए ।
(घ) मनुष्य को महान बनने के लिए कवि ने क्या प्रेरणा दी है ?
उत्तर: मनुष्य अपने कर्तव्य पर सचेतन रहना चाहिए। मनुष्य को मनुष्यता का पाठ पढ़ाना और संसार को स्वर्ग बनाने के साथ मनुष्यों को महान बनने की प्रेरणा दी है ।
(ङ) किसी की जीत हार के समान क्यों होनी चाहिए ?
उत्तर: जो मनुष्य शत्रु को क्षमा प्रदान नहीं करते उसके जीत पराजय के समान है । वे अपने हृदय में विजय का स्वाद जितना है मगर पराजय की पीड़ा जनता नहीं है ।
2. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर एक या दो बाक्यों में दीजिए:
(क) कवि ने मनुष्य से क्या बनने को कहा?
उत्तर: विजय का सुमन शूल बनता है।
(ख) मनुष्य को किस प्रकार मन मिला है?
उत्तर: मनुष्य को अपार प्रेम से भरा मन मिला है ।
(ग) विश्व आज क्या है ?
उत्तर: विश्व आज तृषित है ।
(घ) कवि मनुष्य से क्या ना बनने को कहा है।
उत्तर: कवि मनुष्य से कृपया, कंजूस, लोभी न बनने को कहा है।
(ङ) जो शत्रु को क्षमा प्रदान नहीं करता, उसकी जीत किसके समान है ?
उत्तर: जो शत्रु को क्षमा प्रदान नहीं करता, उसकी जीत पराजय के समान है ।
(च) विजय का सुमन क्या बनता है ?
उत्तर: विजय का सुमन शुल बनता है ।
(छ) किस से घृणा महान है ?
उत्तर: पाप से घृणा महान है ।
(ज) किस पर सदैव गर्व न करना चाहिए?
उत्तर: दर्पशक्ति पर सदैव गर्व न करना चाहिए।
(झ) ‘फिर महान बन’ कविता के कवि का नाम क्या है?
उत्तर: ‘फिर महान बन’ कविता के कवि नरेन्द्र शर्मा है।
(ञ) ‘फिर महान बन’ कविता का मूल भाब क्या है?
उत्तर: ‘फिर महान बन’ कविता का मूल भाव यह है कि अपने कर्त्तब्य पर सचेतन होना चाहिए।
3. पाठ के आधार पर निम्नलिखित रिक्त स्थानो को भरिये
फिर महान ________ ।
शत्रु को न _________ सके _________ प्रदान जो,
जीत क्यों उसे न ___________ के समान हो?
दुष्ट ___________ मानते न दुष्ट___________ से,
_________ घृणा महान ________ न______ से।
__________पर संदैव गर्व करना न, __________।
उत्तर:
फिर महान बन।
शत्रु को न कर सके क्षमा प्रदान जो,
जीत क्यों उसे न हार के समान हो?
दुष्ट हार मानते न दुष्ट नेम से,
पाप से घृणा महान है न प्रेम से।
दर्प-शक्ति पर सदैव गर्व करना न, मन।
भाषा-ज्ञान
1. उदाहरण के अनसार निम्नलिखित शब्दो के समानार्थक शब्द लिखिए:
महान, सुमन, मनुष्य, अपार, प्रेम, प्यास, जीव, वक्ष, नेम, विश्व
उदाहरण:
महान – विशिष्ट, सुमन – पुष्प
उत्तर:
मनुष्य – इनसान, मानव
अपार – असीम
प्रेम – प्यार
प्यास – तृषा
जीव – प्राणी
वक्ष – छाती
नेम – नियम
विश्व – संसार
कृपण – कंजूस
क्षमा – माफी
शत्रु – दुश्मन
हार – पराजय
भूल – तुटि, गलत
दर्प – गर्व
दुष्ट – नटखट
गर्व – घमंड, अहंकार
2. उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित शब्दों के विलोम/विपरीत शब्द लिखिए:
उदाहरण: प्रेम – घृणा, शत्रु – मित्र
उत्तर:
महान – तुच्छा
कृपण – दानी
मनुष्य – राक्षस
दुष्ट – शांत
क्षमा – दंड़
प्रदान – आदान
जीत – हार
समान – असमान
विजय – पराजय
पाप – पुण्य
3. निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलिए:
उदाहरण: मनुष्य – मनुष्य,
तुझे, जीव, शत्रु, कवि
उत्तर:
तुझे – तुम्हें
शत्रु – शत्रु
जीव – जीव
कवि – कवि
4. आप भी एक कविता लिखने की कोशिश करें: